कोरोना महामारी और ज्योतिष

आज का मनुष्य ज्योतिष को लेकर बहुत भ्रमित है और सोचता है कि ज्योतिष में भरोसा रखें या नहीं? इसी पशोपेश में उसका सारा जीवन उलझा रहता है| कुछ लोग ज्योतिष पर विश्वास करते ही नहीं हैं, कुछ कहते हैं सब हमारे कर्मो पर निर्भर करता है, कर्म से बड़ा कुछ नहीं है और साथ ही कुछ लोगों का यह भी मानना है कि जीवन में भक्ति करो, इससे हमारे कर्म ठीक होंगे और हमें सांसारिक दुखों से छुटकारा मिल जायेगा| आज भी हमारे भारतवर्ष में बहुत लोग हैं जो ज्योतिष पर विश्वास रखते हैं|

दोस्तो, आज मैं आपको “भक्ति और ज्योतिष” कर्म को किस तरह सही दिशा प्रदान करते हैं, इस सम्बन्ध में अपना अनुभव साझा कर रहा हूँ | मैं वर्ष 1991 से ही अपने नितप्रतिदिन के कर्मों को भक्ति के आनंद और ज्योतिष के दिशानिर्देशानुसार के मार्गदर्शन से संपन्न करता आ रहा हूँ | भक्ति और ज्योतिष अपने आप में अलग हैं| भक्ति का आनंद, ज्योतिष के बिना भी संभव है पर ज्योतिषी यदि भक्ति के आंनंद के साथ कुंडली की गणनाकर अपना सुझाव और सलाह दे तो नि:सकोच ज्योतिषीय गणना में चार-चाँद लग जाते हैं |

भक्ति से अंतरात्मा को शक्ति मिलती है और ज्योतिष हमें सांसारिक कर्मों की दिशा और दशा का ज्ञान कराता है| ज्योतिष शास्त्र पृथ्वी के चारों ओर तारों और ग्रहों की गति और स्थिति का अध्ययन है। ज्योतिष आपके भाग्य का रोडमैप है। हालाँकि, आपका भाग्य आपके हाथों में है। यह शास्त्र हमें यह बता कर मार्गदर्शन करता हैं कि क्या अच्छा है और क्या बुरा; क्या करना है और क्या नहीं करना है; कैसे करना है और कैसे नहीं करना है। “जैसे आपको जमीन का एक टुकड़ा और बोने के लिए बीज दिया जाता है। इसमें कितना प्रयास करना है, कितनी मात्रा में खाद और पानी डालना है और कैसे उपज प्राप्त करनी है यह आपका काम है। जिसे आपको अपनी ज्ञान बुद्धि, विवेक और अनुभव का उपयोग करके करना है।“

कुछ लोग ज्योतिष जन्म कुंडली प्रणाली को स्वीकार नहीं करते हैं लेकिन यह एक ज्ञात तथ्य है कि ग्रहों का प्रभाव हमारे ऊपर पड़ता है| हमारा भाग्य ताश के खेल की तरह है जहाँ आपको कुछ कार्डों की मदद से खेल में जीत हासिल करनी है, उन्हें कैसे खेलना है यह आप पर निर्भर है| आपको अच्छे कार्ड भी मिल सकते हैं लेकिन अगर आप बुरी तरह खेलते हैं तो आप हार जाएंगे और यदि आपको खराब कार्ड मिल गये और अगर आप ध्यान से खेलेंगे तो भी जीत सकते हैं।

अब दूसरा उदाहरण यदि आप शराब के नशे में गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं और दुर्घटना हो जाती है तो क्या आप रोड मैप को दोष देंगे! महाभारत में भी भगवान श्री कृष्ण जी ने अर्जुन को और दुर्योधन को भी सलाह दी थी। एक ने सुनी और दूसरी ने नहीं! परिणाम आपको मालूम ही है कि अंत में क्या हुआ| दोस्तो, कर्म से भाग्य जरुर बनता है पर कर्म को सही दिशा और दशा का ज्ञान भक्ति और ज्योतिष ही देता है|

इस पृथ्वी पर मानव अस्तित्व निरंतर उतार-चढ़ाव से भरा है और हम में से हर कोई जीवन के सभी क्षेत्रों में किसी भी कीमत पर खुशी पाने का प्रयास करता है; यह शिक्षा, विवाह, पेशा या परिवार आदि हो। कभी-कभी जब हमारी इच्छाएँ पूरी नहीं होती हैं तो हम असंतुष्ट और निराश हो जाते हैं। उस क्षण में हमें उन कठिन परिस्थितियों को दूर करने के लिए व्यावहारिक मदद की आवश्यकता है।

हम अपनी कठिनाइयों और परीक्षण के समय को दूर करने के लिए मार्गदर्शन करने के लिए एक अनुभवी और विशिष्ट व्यक्तित्व के रूप में आशा की एक किरण की खोज करते हैं। ज्योतिष एक ऐसी प्रसिद्ध सेवा है जो प्रत्येक मानव अस्तित्व को संतुष्ट करने के लिए सबसे उपयुक्त मार्गदर्शन प्रदान करती है।

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